Kuch naya 💯

We all at any point in life must have experienced failure… failure of not achieving something is fine (no big deal 😏) until and unless it stops us from giving ourselves another chance…. here’s a poem that I have penned down for each one of us who want to do something in life… something new… something extraordinary….which is yet to explore

निकल पड़े है आज एक अंजान सफ़र पर,

मंजिल भी है मुश्किल, है रास्ते भी अंजान,

पर हमने भी ये ठान लिया है

कि अब कुछ नया कर जाना है।।

पर नया क्या???

नहीं पता, हां हां नहीं पता

बस ये पता है कि अब कहीं खोना नहीं है,

या खोते खोते खुद को पा लेना है।

बस ये पता है कि अब और कुछ सुनना नहीं है,

या सुन सुन कर खुद को और मजबूत बनाना है।

बस ये पता है कि अब और ज़िन्दगी से रुठना नहीं है,

या शायद ज़िन्दगी को ही मना लेना है।।

और कुछ पता हो या ना हो,

बस इतना पता है कि अब कुछ नया कर जाना है।।

पर नया क्या???

नहीं पता, हां हां नहीं पता

बस ये पता है कि शायद जो दोस्ती बना ली थी

कभी यूं ही, उसे और मजबूत बनाना है,

दोस्त कहा था कभी जिन्हें,

उन्हें इसका अहसास भी कराना है

शब्द तो बहुत कहें एक दुसरे को,

पर अब शायद उन शब्दों का हर मतलब ढूंढ लाना है,

और बार बार, हां बार बार

उन्हें उस मतलब का हर मतलब समझाना है।।

और कुछ पता हो या ना हो,

बस इतना पता है कि अब कुछ नया कर जाना है।।

पर नया क्या???

नहीं पता, हां हां नहीं पता

बस ये पता है कि

सपने देखें थे किसीने हमारे लिए कभी,

अब उनके सपनों को पूरा करना है,

कभी उंगली थामी थी किसीने,

अब उनका सहारा बनना हैं,

खर्च कर दिया जिसने अपना सब कुछ हम पर,

अब उनके लिए कमाना है।।

दुआएं मांगी जिसने ताउम्र हमारे लिए

अब बार बार, हां बार बार,

सजदे में उनके झुक जाना है।

ये अहसास जो था पुराना

वो अब नए तरीके से बताना है।।

और कुछ पता हो या ना हो,

बस इतना पता है कि अब कुछ नया कर जाना है।।

पर नया क्या???

नहीं पता, हां हां नहीं पता

बस इतना पता है कि कुछ है इस वक्त में,

जो सपने दिखा रहा है,

और साथ में शायद उन्हें पूरा करना भी सिखा रहा है

नहीं पता, हां हां नहीं पता

पर कुछ बदल रहा है, हां कुछ बदल रहा है

शायद ये वक्त हि अब मेरा ज़िक्र कर रहा है

अब बुरा वक्त शायद पिछे छूट रहा है,

और नया वक्त अब मेरा इंतजार कर रहा है

अब आगे क्या करना है क्या नहीं,

शायद ये वक्त मुझे समझा‌ रहा है

अब पंखों में उड़ान भरके बार बार, हां बार बार

दूर क्षितीज तक जाना है,

और कुछ पता हो या ना हो

बस इतना पता है कि अब कुछ नया कर जाना है।

पर नया क्या???

अब पता है, हां हां अब पता है कि

इस डर से अब और नहीं डरना है,

लोग क्या कहेंगे इस पर शायद

अब गौर हि नहीं करना है

खुलकर शायद अब एक बार मुझे जीना है

या नयी शुरुआत से पहले

शायद एक बार रोना है

और बार बार, हां बार बार

अब मुझे उठना है

बार बार गिरने से अब और नहीं डरना है

क्या फर्क पड़ता है से अब फर्क पड़ता है

का अंतर खुद को समझाना है

अब मरने से पहले ये सब पूरा कर जाना है

और कुछ पता हो या ना हो

बस इतना पता है कि अब कुछ नया कर जाना है

अब कुछ नया कर जाना है।।।

🙏🙏

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29 thoughts on “Kuch naya 💯

  1. वाह बहुत खूब
    कुछ नया,कुछ अच्छा,कुछ अलग करिए
    ढेरों शुभकामनाएं मित्र ☺️👍👍

    Liked by 4 people

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